September 9th, 2010 — Hindi Stories
प्रेषक : ?
वो मेरे पड़ोस में रहने वाली 18 साल की लड़की है जो कक्षा 11 या 12 में पढ़ती है और शाम में कॉलोनी के बाकी बच्चों के साथ छुपा छुपी खेलते समय अक्सर मेरे घर में या आस-पास आकर छुप जाती है।
एक शाम मैं अपने बेडरूम में लेटा था और मेरे परिवार वाले शहर से बाहर गए हुए थे। मैं घर पर अकेला ही था..
अचानक देखा कि कोई मेरे बेडरूम की खिड़की में चढ़ गया है, थोड़ी देर तक तो मैंने ध्यान नहीं दिया फिर कुछ हलचल हुई तो परदा हटा के देखा तो चाँदनी थी..
उसने मुझे देखते ही अपने होंठों पर उंगली रख कर चुप रहने का इशारा किया।
मैंने शरारत में परदा इतना हटाया कि वो मुझे अंदर अच्छी तरह देख सके..
और मैं अपने डबल बेड में फिर लेट गया…
वहाँ से चाँदनी खिड़की में खड़ी साफ दिख रही थी, उसकी फ्रॉक घुटने के ऊपर तक की होने की वजह से उसकी सुडौल जांघें और थोड़ी सी चड्डी भी दिख जा रही थी तो मेरा लंड खड़ा होने लगा। मैंने पहले तो सोचा कि मेरे से 15 साल छोटी लड़की है, कुँवारी है, मुझे गंदा नहीं सोचना चाहिए…
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September 8th, 2010 — Hindi Stories
प्रेषक :
मेरा नाम अंकित जैन है। मैं 21 वर्षीय हट्टा कट्टा नौजवान हूँ, इंदौर में रहता हूँ। मेरा अभी इंजीनियरिंग में एड्मिशन हुआ है। मेरा लौड़ा 9 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा और काला है। मुझे चोदने की काफी इच्छा थी पर पूरी नहीं होती थी। इसलिए दिन में कभी कभार मैं मूठ मार लिया करता था।
एक दिन मेरे पड़ोस में किरायेदार रहने आये। उनके 3 बच्चे थे- पिंकू, रानी और नेहा।
नेहा सभी से बड़ी थी उसकी उम्र 18 साल की थी। वो 12वीं में थी, उसकी बोर्ड की परीक्षा थी। नेहा काफी सुन्दर थी। उसके अभी बूबे छोटे छोटे थे और जवानी में कदम ही रखा था। मैं उस पर मरता था। उसकी मम्मी और मेरी मम्मी की अच्छी पटने लगी।
एक दिन उसकी मम्मी ने मुझे कहा- बेटा, नेहा को गणित के कुछ सवाल हल करा देना।
मैंने तुरंत हाँ कर दी। मैंने उसकी याद में बाथरूम में जाकर एक बार मुठ मारी। फिर वो मेरे कमरे में आई तो थोड़ी शरमा रही थी। मैंने उसे सवाल समझा दिए, वो चली गई।
उस रात मुझे नींद नहीं आई, मैंने फिर मुठ मारी और सो गया।
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September 7th, 2010 — Hindi Stories
प्रेषक : लव गुरू
वह मेरे दूसरे चुचूक को अपने हाथ के नाखून से जोर जोर से कुरेद रही थी। एक तो चुचूक चूसे जाने की मस्ती दूसरा चुचूक कुरेदे जाने की वजह से होता दर्द ! इससे मैं तो स्वर्ग में पहुँच गया था। इस बेइंताह मस्ती के कारण मेरे मुँह से आह ओह की आवाज निकल रही थी। मैंने अपने हाथ उसकी पीठ और एक बाँह पर रख रखा था। एक हाथ से उसकी बाँह मसल रहा था और दूसरा हाथ उसकी पीठ और कमर पर फेर रहा था।
वो करीब 3-4 मिनट तक ऐसे ही करती रही। फिर रीमा बायाँ चुचूक छोड़ कर दायाँ चुचूक चूसने लगी और बाएँ चुचूक को नाखून से कुरेदने लगी।
दूसरे चुचूक को अच्छी तरह से चूसने के बाद ही उसने मेरे को छोड़ा। फिर मेरी ओर देख कर आँखो में आँखे डाल कर पूछा- कैसा लगा बेटा माँ का तुम्हारा चुचूक चूसना?
मैं बोला- क्या बताँऊ माँ ! बस इतना कह सकता हूँ कि तुम्हारे इस बेटे को तुमसे बहुत कुछ सीखना है। सीखाओगी ना माँ अपने इस अनाड़ी बेटे को?
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September 6th, 2010 — Hindi Stories
प्रेषक : लव गुरू
मेरी यह कहानी काल्पनिक है। इस कहानी का आधार एक औरत पर है जिससे मैंने एक चैट-साइट पर कई बार बात की। उसके साथ कई बार चैट-रुम में चुदाई भी की। मैं उसको माँ बुलाता हूँ और वह मुझको बेटा।। हम दोनों अलग अलग शहर में रहते है और कभी भी मिले नहीं हैं। मेरा नाम दीपक है और मैं 26 साल का हूँ । मेरे लन्ड का आकार 8 इंच है।
उसका नाम रीमा है। उसने जो मुझको बताया उसके अनुसार वह एक तलाकशुदा औरत है। उसकी उमर 48 साल की है और उसकी फ़िगर 38 डी 30 42 है और वह दिल्ली में रहती है। रीमा को कम उमर के लड़कों से चुदाने में बड़ा मजा आता है। उसकी एक नौकरानी भी है जो 20 साल की है। वह सेक्स में उसका साथ देती है। उसको जवान लौन्डों की कोई कमी नहीं है।
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September 5th, 2010 — Hindi Stories
प्रेषिका : प्रतीक्षा राय
मेरा नाम जय है, मैं पचमढ़ी का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 26 वर्ष है। मैं बहुत ही मिलनसार और सेक्सी हूँ। मेरा लंड काफी बड़ा और आप कह सकते हैं कि बस मस्त है। मेरे दोस्तों का कहना है- सिंधन की चूत, पंजाबन का दूध, हिमालय की ठण्ड और जय का लंड इनका कोई मुकाबला नहीं है।
मैं आज से 5 साल पहले भोपाल आ गया क्योंकि मुझे भोपाल में अच्छा लगता है। मैंने पंचशील नगर में कमरा किराये पर लिया। नीचे मकान मालिक और ऊपर मेरा कमरा, मेरे बाजू में एक और किरायेदार, जो ड्रायवर था, पति पत्नी रहते हैं। मेर कमरे में बाथरूम नहीं था तो मैं मकान मालिक का बाथरूम इस्तेमाल करता हूँ और मेरे कमरे की खिड़की से बाथरूम की झलक देखी जा सकती है जो मेरा टाइम पास हो गया है।
मालिक बैंक मैनेजर है, उसके दो लड़के हैं बड़ा बाहर ही रहता है, छोटा लड़का मेरी उम्र का, नाम राकेश है, नशा भी करता है। उसके बाद सबसे छोटी उसकी लड़की मीनू जो स्कूल में पढ़ती है, रंग गोरा, भरपूर बदन, गोल-गोल मोटी गांड, बड़े-बड़े बोबे और मेरी सबसे बड़ी कमजोरी !
मैं भोपाल आकर घर को बहुत याद करता था क्योंकि वहाँ खूब चुदाई करता था। यहाँ कोई जुगाड़ ही नहीं, बस मुठ ही मारते रहो।
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