Entries Tagged 'Hindi Stories' ↓
May 16th, 2012 — Hindi Stories
प्रेषक : राज शर्मा
मैं सारिका इक्कीस वर्षीया महाराष्ट्रियन सुन्दरी नागपुर से !
लोग कहते हैं कि मैं बहुत सुंदर हूँ और शायद मैं हूँ भी !
क्योंकि मेरे पास वो सब कुछ है जो एक लड़की में एक पुरूष देखना चाहता है : 34 इन्च की चूचियाँ, 26 इन्च की पतली कमर, 36 इन्च के मस्त कूल्हे ! अगर सेक्सी भाषा में बोलें तो 36 इन्च की गाण्ड !
लड़के मुझे देख कर ही मस्त हो जाते हैं !
यह तो हुई मेरी बात ! अब अपनी कहानी शुरू करती हूँ।
यह कहानी आज से छ: महीने पुरानी है। मैं अपने कॉलेज के टूर पर दिल्ली घूमने गई थी। चार दिन का टूर था, रेलगाड़ी में बुकिंग थी, लड़के और लड़कियाँ सभी एक ही कम्पार्टमेंट में थे। लड़के और लड़कियाँ आपस में मस्ती करते हुए सफर का मज़ा ले रहे थे।
मेरे वाले बुके में सिर्फ हम दो लड़कियाँ थी मैं और मेरी एक सहेली मोनिका। मोनिका पढ़ने में बहुत होशियार थी पर शक्ल-सूरत से बिल्कुल लल्ली थी।
आप सोच रहे होंगे फिर वो मेरी सहेली कैसे थी?
तो बात यह थी कि उसकी पढ़ाई अक्सर मेरे काम आती थी बस इसीलिए मैं उसे अपने साथ रखती थी।
कूपे में हम दोनों ही थी बाकी की दोनों सीट खाली थी।
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May 11th, 2012 — desi sex stories, Hindi Stories, Indian Sex Stories
प्रेषक : हैरी बवेजा
नमस्कार दोस्तो, आप लोगो ने मेरी कहानियाँ
और हम लड़कियाँ लड़कियाँ
को बहुत सराहा, उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद !
अब प्रस्तुत कहानी वास्तव में मेरे एक दोस्त की है, उसे लिखने में कुछ दिक्कत हो रही थी तो मैंने यह कहानी मैंने ही लिखी उसके कहने के अनुसार !
तो दोस्तो, कहानी शुरु करता हूँ उसी की जुबानी :
आज मैं आपको अपने जीवन की एक सच्ची घटना बताता हूँ।
जब मैं 18 साल का था तो मुझे पता तो था कि सेक्स क्या होता है पर यह नहीं पता था कि कैसे करते हैं।
मेरा कद 5.8″ है, रंग गोरा है मेरे लंड का आकार 6″ है। मैं पहले अन्तर्वासना पर हिंदी कहानियाँ पढ़ा करता था। कहानी पढ़ते-पढ़ते मुठ मारता था और मेरा मन भी चूत फाड़ने को करता था। पर क्या करूँ, कोई रास्ता नहीं था मेरे पास !
मेरी भी किस्मत खुल गई एक दिन !
एक बार मैं अपने दोस्त की शादी में गया हुआ था तो मैं और मेरा दोस्त एक साथ बैठे हुए थे। वहां पर कुछ लड़कियाँ आई, उनसे मेरे दोस्त ने मेरा परिचय करवा दिया तो वे सब वहीं बैठ गई। कुछ देर बाद वो जाने लगी तो उनमें से एक लड़की ने मुझे देखा और मुस्कुरा कर चली गई। www.indiansexstories.info
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April 26th, 2012 — Hindi Stories
प्रेषक : राजेश देशपाण्डे
मेरा नाम राजेश देशपांडे है, मैं मुंबई का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 19 साल है पर मेरा 6 इंच लम्बा है। मैं आपको अपने जीवन की एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ।
कुछ महीने पहले की बात है, मैं उस वक़्त 18 साल का था और बारहवीं में पढ़ रहा था। मुझे काम करने की बड़ी उत्सुकता थी। मुझे उससे कुछ पैसे भी मिल जाते और पढ़ाई के साथ थोड़ा मनोरंजन भी हो जाता।
मैं सेल्स, प्रमोशन और ऐसे ही कुछ छोटे मोटे काम कर लेता।
एक दिन मैंने अख़बार में एक विज्ञापन पढ़ा और उस ऑफिस में फोन किया। तो उन्होंने मुझे मुलाकात के लिए बुलाया। मैं वहाँ पहुँचा तो पता चला कि वो काम किसी और को दे दिया गया था। मैं निराश होकर वहाँ से निकला तो सामने एक स्कोडा गाड़ी खड़ी थी। मुझे गाड़ी का भी शौक है तो मैंने उस गाड़ी की तरफ गौर से देखा और चल पड़ा।
मैं थोड़ा आगे ही गया था कि मैंने वो स्कोडा फिर से अपने आगे खड़ी देखी।
मैं उस तक पहुँचा तो गाड़ी का शीशा नीचे हुआ और आवाज आई- हे गाय ! लिसन !
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April 18th, 2012 — Hindi Stories
प्रेषक : आकाश
अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार। क्योंकि अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है इसलिए अगर भाषा में कुछ गड़बड़ी हो जाये तो मुझे माफ़ कर दीजिएगा।दरअसल यह मेरी सच्ची प्रेम कहानी है। मेरा नाम आकाश है, कद 5 फ़ीट 7 ईंच, उम्र 20 साल, रंग साँवला, गठीला बदन और हथियार का आकार करीब 6 ईंच है। परिवार में माँ-पिताजी और एक छोटा भाई है।
यह कहानी शुरू होती है तब से जब मैं नौवीं कक्षा से उत्तीर्ण होकर दसवीं में गया था। मुझे अपने सेक्शन में ना डालकर किसी और सेक्शन में डाल दिया गया था और वहाँ मैं पहली बार उससे मिला। उसका नाम था ॠचा।
पहले के एक-दो महीने तो बस इसी तरह पढ़ाई करते गुज़र गये। फिर पता नहीं क्यों मैं ॠचा की तरफ़ खिंचता चला गया। मुझे तो इस बात का पता ही नहीं चला कि कब मैं उससे प्यार करने लगा। पूरे एक साल के दौरान मैं उससे यह नहीं कह पाया कि मैं उससे प्यार करता हूँ।
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April 8th, 2012 — Hindi Stories
लेखक : राजू दरजी
मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ तो सोचा कि क्यों न अपनी कहानी आप लोगो के साथ बांटूँ !
बात तब की है जब मैं बारहवीं में पढ़ता था। मैं और मेरा सबसे अच्छा दोस्त राज (बदला हुआ नाम) हम काफ़ी अच्छे दोस्त थे और वो दिखने में भी अच्छा था। हमारी क्लास के कई लड़के उसकी गाण्ड के पीछे पड़े थे, मैं भी था उनमें !
मैं मजाक मजाक में उसकी गाण्ड को दबा दिया करता था पर मुझे तो उसकी गाण्ड का छेद ही चाहिए था।
एक बार जब उसके मम्मी-पापा बाहर जा रहे थे तो उन्होंने मुझे कहा- तुम इसके साथ ही रह लेना !
मैंने भी हाँ कर दी।
घर में उसकी एक जवान बहन भी रहती थी, क्या मस्त चूचे थे उसके ! मेरा तो देख कर ही खड़ा हो जाता था।
मैं रात को उसके घर सोने चला गया। उसकी बहन एक अलग कमरे में थी और मैं राज के साथ उसके कमरे में था। मै बिस्तर पर बैठा था, राज ने कहा- मैं कपड़े बदल लेता हूँ।
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