Ranjitha Sex Scandal with Swamiji
March 10th, 2010Ranjitha Sex Scandal with Swamiji | Swamiji Sex Video
Ranjitha Sex Scandal with Swamiji | Swamiji Sex Video
प्रेषक : वीरू दादा
मेरा नाम राजवीर है, प्यार से लोग मुझे वीरू बुलाते है। पहले मै आपको अपने बारे में बता दूँ। मैं हरियाणा में रहता हूँ, यहाँ मेरा पूरा परिवार रहता है। मेरी लम्बाई सवा पांच फ़ुट है, भरा हुआ शरीर है, लंड की लम्बाई साढ़े पाँच इंच है और मोटाई २.५ इंच है। मैंने इससे पहले कभी सेक्स नहीं किया था जो आज मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ वो मेरी पहले सेक्स की कहानी है। उसके बाद मैंने कईयों बार सेक्स किया। सेक्स में मजा ही ऐसा होता है, जितना करो उतना और ज्यादा करने का मन करता है।
तो अब अपनी कहानी सुनाता हूँ !
बात दो साल पहले की है जब मैं 18 साल का था, अब 20 साल का हूँ। हमारे घर के आगे एक छोटा सा गार्डन है।
तो एक बार मैं घर पर अकेला था, ब्लू फिल्म देख रहा था। मैंने उस समय निक्कर पहन रखी थी। मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने निक्कर और अंडरवियर उतार दिया और मुट्ठ मारने लगा कि अचानक दरवाज़े पर घण्टी बज़ी। मै जल्दी-जल्दी में सिर्फ निक्कर ही पहन कर चला गया, दरवाजा खोला तो एक 20-21 साल की लड़की खड़ी थी, रंग एकदम गोरा, पतली कमर, लम्बे बाल, जींस और टी-शर्ट पहन रखी थी, एकदम मॉडल लग रही थी। वो एक सेल्स-गर्ल थी, लेडीज सामान बेच रही थी, ब्रा और पैंटी की नई कोलेक्शन। मेरा लंड पहले से ही आधा खड़ा था, उसे देख और भी खड़ा हो गया। उसे शायद मालूम हो चुका था कि मेरा लंड खडा है क्योंकि साफ़ दिख रहा था।
वो पहले बोली- क्या यहाँ कोई लेडीज है?
मैंने कहा- है तो सही पर अभी बाहर गई है, अभी ५ मिनट में आ रही है।
तो वो प्रतीक्षा करने लगी। उसे क्या मालूम कि घर शाम के पाँच बजे तक खाली है।
थोड़ी देर बाद वो बोली- एक ग्लास पानी मिलेगा?
मैंने कहा- जरूर मिलेगा !
मैं उसके लिए पानी लेने गया और सोचने लगा कि इसको कैसे फंसाया जाये?
मुझे एक तरकीब सूझी।
मैं जैसे ही उसके पास पानी लेकर पंहुचा, जानबूझ कर उसके कपड़ों पर पानी गिरा दिया। वो पूरी गीली हो गई। क्या मस्त चूची लग रही थी उसकी गीले टी-शर्ट में !
वो कहने लगी- मैं तो गीली हो गई !
तो मैंने कहा- कोई बात नहीं ! मैं आपको दूसरे कपड़े दे देता हूँ !
मैंने उसे हाफ शर्ट और मिनी स्कर्ट दे दी। वो बाथरूम से पहन कर आ गई। क्या गोरी-गोरी जांघें थी उसकी ! शर्ट में चूची तो उसकी पूरी कस ही गई थी। तब मेरा लण्ड और सख्त हो गया पर मैं चाहता था कि पहल वो करे।
मैंने उसे कहा- आप इन्तज़ार करो, मैं आपके लिए चाय बना कर लाता हूँ ! तब तक आप टीवी देख लो !
मै चला गया, उसने टीवी ऑन किया, उस पर ब्लू फिल्म अभी चल ही रही थी। वो मजे से वो सब देख रही थी, एकदम लाल हो गई थी वो ! उसने अपना हाथ अपनी पैंटी में डाल दिया और मसलने लगी। मैं ये सब देख रहा था। मै चाय की जगह बियर ले आया। वो मेरे आने की आहट सुन कर सीधी बैठ गई और टीवी ऑफ कर दिया।
मैंने उसके सामने बियर रख दी। वो कहने लगी आप तो चाय लेने गए थे पर ये क्या ले आये?
मैंने कहा- जैसा माहौल है वैसी चीज भी तो होनी चाहिए !
वो हैरान होकर पूछने लगी- मतलब?
मैंने टीवी ऑन करके कहा- मतलब ये !
तो शरमाई और कहने लगी- ये तो पहले से ही चल रहा था ! आप ही देख रहे थे जिसके कारण आपका वो खड़ा था !
मैंने उससे पूछा- वो क्या ?
वो कहने लगी- आप बहुत बदतमीज है !
मैंने कहा- आप कैसी हो? आपको यह सब अच्छा नहीं लगा तो टीवी ऑफ कर देना था ! आप तो उल्टा ही देख कर पैंटी में अपनी चूत सहला रही थी।
ये सुनकर वो चुप हो गई। ये देख मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे अपने गोद में बैठा लिया। फिर उसे चूमने लगा। पहले वो थोड़ा कसमसाई, थोड़ी देर बाद वो मेरा साथ देने लगी। मैंने उसकी शर्ट और स्कर्ट खोल दी। अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। मैंने उसकी ब्रा का हुक भी खोल दिया और उसकी चूची चूसने लगा।
मैंने अपनी निक्कर और शर्ट भी उतार दी। उसने मेरा लंड देखा और कहा- यह तो बहुत बड़ा है !
शायद उसने पहले कभी किसी का लंड नहीं देखा था। मैंने उसे अपना लंड पकड़ा दिया। वो मेरे लंड से खेलने लगी और चूसने लगी। मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी। अब वो पूरी नंगी थी। मैंने अपने जीवन में पहली बार किसी लड़की को नंगी देखा था। मैं भी उसकी चूत चूसने लगा। अब हम एक दूसरे को चूस और चूम रहे थे। अब मै और वो पूरी तरह से तैयार थे।
मैंने उसकी चूत पे अपना लंड रखा और एक धक्का दिया, मेरा २ इंच लंड अंदर चला गया। वो थोड़ा कसमसाई,न उसकी सील अभी खुली नहीं थी, वो अक्षत-यौवना थी। मैंने एक और धक्का दिया और पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया।
15 मिनट तक मैं उसे चोदता रहा। हम दोनों एक साथ झड़ गए। फिर मैंने उसकी गांड भी मारी। उसकी गांड मैंने २५ मिनट तक मारी और उसकी गांड में ही पानी छोड़ दिया।
अब हम दोनों थक चुके थे। हम जाकर पहले नहाए, नहाने के बाद हमारी थकान दूर हो गई, हमने बियर पी और वो जाने लगी। मैंने उसका नंबर माँगा तो वो कहने लगी कि आज के बाद हम कभी नहीं मिलेंगे।
जाते जाते उसने मुझे चूमा और कहा- यू आर सो स्वीट एंड हार्ड !
मैंने उसे अपना नंबर दे दिया और दो महीने बाद उसका फ़ोन आया।
अब आगे की मैं अगली कहानी में सुनाऊंगा। तब तक इसे ही पढ़ कर मुट्ठ मारिये।
आपको यह कहानी कैसी लगी, मेल जरूर करें !
பாடல்: சோனியா …. சோனியா சோனியா …. சோனியா….சோனியா …. சோனியா..
.சோனியா சோனியா ஓக்க வைக்கும் சோனியா
புண்டையில் எந்த வகை கூறு
புண்டையிலே ரெண்டு வகை
சேவிண் ஒன்று கெயாரி ஒன்று
ரெண்டில் நீ எந்த வகை கூறு
சில நாள் சேவிணும் உண்டு
சில நாள் கெயாரியூம் உண்டு
பெண்களின் புண்டையை கண்டு
சேவை செய்வது நன்று
மாமா … ரிகாரிக ரிமகாரீசா ரிகாரிக ரிமகாரீசா மாமாமாமா … ரிகாரிக ரிமகாரீசா ரிகாரிக ரிமகாரீசா மாமா
திருப்பதி போய் வந்த பக்தனைப் போல் போல்டாகஇருந்தால் அது சேவிண்காமடி
பேசும் மணி வண்ணன் போல் றஃப்பாகஇருந்தால் அது கெயாhp
மழையில் சறுக்கி விழும் பாதையைப் போல்சிலிப்பாக இருந்தால் அது சேவிண்
நம்மூரு ரஜினி போல முடி கோதுவது கெயாhp
பெண் கூந்தல் மீது ப+வாகத் தான்
– உன்புண்டை கலைத்து விளையாடத் தான்
மெலிதான முலையிலே பாலும் இல்லை
கிழவியின் குழியிலே தேனும் இல்லை
என் சுண்ணி துடிக்கும்
புண்டைக்குள் இடிக்கும்
ப+ப்போல ஓக்க பொறுமையில்லை
பெண் புண்டை புதுமை
விரல்விட்டால் இனிமை
கையாளத் தொpந்தால் கவலையில்லை
புண்டையை ஓப்பதில் சட்டம் இல்லை
ஒரு சாத்திரம் இல்லை
ஜெஸ்ட் இடிப்பதுதான் வேலை
பெண் புண்டை தாங்குவதில்லை
கண் தூங்குவதில்லை
அது ஜாம் போத்தல் ஓட்டை
தட்டாமல் போனால் தங்கம் இல்லை
ஓக்காமல் போனால் புண்டை இல்லை
காமத்தின் வாதத்தில் ஞாயம் இல்லை
கன்னத்தில் விந்து காதல் இல்லை
பெண் ஓட்டை எங்கென்று அறியாத ஆணில்லை.
சோனியா…. சோனியா….. (2)
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Hot booby babe Rashmi taking bath in sexy blue bra and panties after taking off her transparent nightie and showing awesome cleavage and ass in this hot scene from Bhiga Badan. File size: WMV - 5.05 MB, 3gp - 1.45 MB ; Playing time: 2:11 mins
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लेखिका : टीना
सभी अन्तर्वासना पढ़ने वाले पाठकों को टीना की तरफ से एक बार फिर से प्रणाम !
मैंने अपनी एक मस्त चुदाई पहले भाग में सबको बताई थी, उम्मीद है सबको अच्छी लगी होगी। दोस्तो, जिस तरहं मैंने बताया था कि मेरा सोचना अलग है, क्या पता बाद में अगला जन्म किसने देखा जाना है, मैं दिल खोल कर अपनी जवानी लूटना चाहती हूँ। मुझे अच्छा भी बहुत लगता है जब लड़के मुझे माल, गश्ती, चालू सी लड़की कहते हैं, मुझे बुरा नहीं लगता और मैं मज़ा लेती हूँ। यहाँ तक कि उनके कटाक्षों पर थैंक्स तक कह जाती हूँ जिससे वो शर्मिंदा हो जाते हैं।
मैने बताया था कि किस तरहं एक ट्रांसपोर्टर के लड़के के साथ मेरा अफेयर रहा और उससे चुदाई का खूब सुख लिया था और उसके जाने के बाद मेरा अफेयर जिस लड़के से हुआ यह तो मेरे पैसे के पीछे आया था यह मैं अच्छी तरह जानती थी, समझती थी, इसीलिए वो मुझे मेरे आलीशान बेडरूम में चोदना चाहता था। और यह बात मैं शुरु में जान गई थी।
खैर मेरे सर पर सेक्स का भूत सवार था, जब उसने अपने कज़न को साथ लाने को ही कह दिया था, मैंने उसको पिछले दरवाज़े से रिसीव किया और अपने बिस्तर पे ले आई। उसने कहा कि उसका कज़न बाहर ही उसकी प्रतीक्षा करेगा, वो उसको बियर बार में बिठा कर आया है। यह सुन मुझे राहत सी मिली की एक ही होगा।
आज मुझे अकेली को बिस्तर पर देख उसकी आँखों में नशा सा आने लगा। मैं बेड पर बैठ गई। उसने अपने जूते खोले और मेरे पास आकर लेट गया। अपने साथ लेटे हुए देख मेरा मन भी डोलने लगा। उसने मेरी टी-शर्ट उतार दी उसके समने दो कबूतर तने हुए चुचूकों के साथ देख उसका खडा हो गया। उसने बारी बारी दोनों स्तनों को चूस कर मुझे भी आपे से बाहर कर दिया। मैं पहले से पैंटी में ही थी, मेरी गोरी जांघों पर उसका हाथ फ़िरने लगा।
मैंने उसकी जींस उतार दी और उसका लौड़ा कच्छा को फाड़ने पर आया हुआ था। जैसे ही मैंने उसका कच्छा उतारा सामने काले नाग की तरह लम्बा सा लौड़ा था। वाह ! क्या हथियार पाया है जालिम तुमने !
साली पसंद आया?
मैंने कहा- बहुत पसंद आया !
अब चूसेगी भी कुतिया अपने कुत्ते का लौड़ा?
मैंने झट से मुँह में डाल लिया और पागलों की तरहं चूसने लगी। एक पक्की रंडी की तरह लगने लगी थी।
वाह रानी वाह ! उसने मेरी टांगे खुलवा अपने होंठ मेरी चूत पर टिका दिए, जिसे छूते ही मैं भड़क उठी और दिल करने लगा कि वो मेरी चूत चूसता ही जाए। मेरे चूतड़ उछलने लगे- अह अह !
उसने दोनों टांगें कन्धों पर रख ली और लौड़ा चूत पर रख दिया। मैंने अपने हाथ से लौड़े को चूत के छेद पर टिकाते हुए झटके के लिए कहा।
आऊच ! ओह अह ! उसका मोटा लम्बा लौड़ा मेरे अन्दर घुसने लगा। क्या स्वाद था दर्द का भी !
करते करते एक ज़बरदस्त धक्के से उसने पूरा डाल दिया। मैं हिम्मत से बेड की चादर को पकड़ दांतों में दांत दबाते हुए सह गई और उसका पूरा साथ देने लगी।
बहुत बढ़िया चोद रहा था, मैं भी अपनी चूत उछाल उछाल कर उसका उत्साह बढ़ा रही थी। वो पूरा लौड़ा जब अन्दर डालता वो मेरे गर्भाशय से टकराता तो मजे से आंखें बंद होने लगती।
उसके बाद उसने मुझे खड़ा कर दीवार से हाथ लगा झुकाते हुए लौड़ा डाला, कसा-कसा सा लगने लगा, बहुत मज़ा मिलने लगा= और चोद ! और रगड़ !
यह ले साली, कमीनी कुतिया ! साली रांड यह ले !
वहीं घोड़ी बना लिया और चोदने लगा। नीचे से मेरे दोनों मम्मे हिलने लगे उसने दोनों पकड़ लिए और स्पीड पकड़ कर मशीन की तरह चलने लगा।
फ़िर एक दम से उठाया, लौड़े को डाले रखा, गोद में उठा कर बिस्तर पे डाल मेरे ऊपर सवार हो गया और आखिर वो अपना सारा पानी मेरी चूत में डालते हुए मेरे ऊपर गिर गया।
उसने मुझे इतना संतुष्ट किया कि मैं खुश हो गई। उसके बाद वो बोला- अब किस दिन आऊँ?
मैंने कहा- अपने कज़न को भी ले आओ ! बेचारा !
क्यूंकि मेरा मूड अब एक साथ दोनों के डलवाने का बन चुका था।
वो बोला- दस मिनट में आया !
उसके बाद क्या हुआ, जानने के लिए इसका तीसरा भाग पढ़ें।
धन्यवाद !
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Booby Mallu aunty sucking dick of her partner giving him oral sex pleasure and then lying on bed and getting her big tits fondled in this hot MMS. File size: WMV - 3.25 MB, 3gp - 920 KB ; Playing time: 1:22 mins
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लेखिका : टीना
सभी अन्तर्वासना पढ़ने वालों और गुरुजी को प्रणाम !
सबके लौड़े खड़े रहे, सबकी चूतें हरी रहें ! भरी रहें !
दोस्तो, यह जिस्म, यह जवानी, यह नाज़ुक-नाज़ुक अंग सदा नहीं रहेंगे। आज हो कल नहीं ! यह किसने जाना है ! अगर भगवान् ने औरत और मर्द बनाए हैं, हर औरत एक जैसी नहीं होती, हर मर्द एक जैसा नहीं होता। लेकिन लौड़े की चाहत, चूत की चाहत किसको नहीं होती?
कौन कहता है कि कामवासना अपने हाथ में होती है ! जी नहीं ! मेरी थोड़ी कुछ अलग है। लगभग हर औरत की होगी।
मैं ऐसे माहौल में बड़ी हुई, बहुत उच्च वर्ग के परिवार से ताल्लुक रखती हूँ। मैं बी.सी.ए प्रथम वर्ष की छात्रा हूँ। मेरे माँ-बाप के पास मेरे लिए समय नहीं है। असल में किसी भी बच्चे के लिए समय नहीं था, पैसा अँधा था, होना भी चाहिए।
सोलहवें ही साल में मैंने सेक्स का सुख पा लिया था। अपनी मॉम, बहनों, पापा को अपने-अपने दोस्तों के प्रति चाहत थी। सातवीं कक्षा में थी जब मैंने अपने ही घर में अपनी मॉम को गैर-मर्द की बाँहों में झूलता देखा, वो भी पापा के बेस्ट फ्रेंड से ! उसके इलावा भी मैंने कई बार अपनी मॉम को अलग-अलग मर्दों की बाँहों में देखा था।
अपनी ही बहन को रात उसके बेडरूम, में आधी रात को चुदाई करते देखा।
पापा ज्यादातर घर से बाहर ही रहते थे, बिज़नस ही धर्म-करम सब कुछ था।
ऊपर से मेरी दोस्ती मध्यम वर्ग की कुछ लड़कियों से, जिनके एक नहीं, कई बॉय फ्रेंड थे। यह सब कुछ देख देख कर मेरा दाना भी फड़कने लगा, जवानी यार मांगने लगी, खुद को दबवाने के लिए, शांत करवाने के लिए ! लड़कों के गंदे-गंदे कटाक्ष अब अच्छे लगने लगे। उसके बाद शुरु हुआ मेरी जवानी का लुटाना ! पसंद के लड़कों से शुरु हुई जो अब बंद नहीं करना चाहती !
आखिर अपने इर्द-गिर्द मंडराने वाले भंवरों को अपना रस चखाने का फैंसला कर लिया और एक बहुत बड़े ट्रांस्पोर्टर के लड़के को मैंने हाँ कह दी। अपने लेवल, अपने स्टैण्डर्ड के ही लड़के को हाँ कही थी मैंने भी !
उसके साथ लॉन्ग-ड्राइव पर जाना, रात को डिस्को लेकर जाना ! आखिर एक दिन उसने मुझे अपना फार्म हाउस दिखाने लेकर गया। आलिशान सा फार्म हाउस मेरे लिए आम सा था। सीधा कार से उतर उसके बेडरूम में गए और उसने मुझे अपनी बाँहों में ले लिया। मैं भी बेल की तरहं उससे लिपट गई, वो पीछे से मेरे भरे-भरे गोल-मोल चूतड़ों को दबाने लगा और मेरे होंठ चूसने लगा। मैं भी गरम होती गई और नीचे से हाथ डाल उसके लौड़े को मसलने लगी। उसका खड़ा हो चुका था और मेरे हाथ में था।
उसने झट से मेरी टॉप उतार फेंका और फिर जींस खींच कर उतार दी।मेरी गोरी-चिट्टी जांघें देखकर उसका लौड़ा सख्त हो गया। उसने मेरी ब्रा उतार मेरा मम्मा मुँह में ले लिया और फिर मेरे चुचूक को चूसने लगा। जिससे में भड़क उठी और जोर से उसके लौड़े को मसलने लगी और फिर उसकी पेंट उतार ऊपर से उसका लौड़ा मसलने लगी। उसने मुझे नीचे दबाते हुए अपना लौड़ा मेरे होंठों पर टिका दिया और मैंने उसको मुँह में डाल दिया, उसके लौड़े को चूसने लगी।
अब उसने मेरी चड्डी उतार मेरी कोरी चूत पर जैसे ही मरदाना हाथ फेरा, वो पल मेरी जिंदगी का हसीन पल बन गया। वाह वाह ! क्या नज़ारा आया !
उसको मालूम हो गया कि चूत कोरी है ! उसने 69 में लिटा कर अपने होंट उसपर रख दिए जिससे वासना और भड़क उठी। मैं जोर-जोर से उसका लौड़ा चूसने लगी, वो मेरे दाने से खेल रहा था।
मैं अब आपे से बाहर होने लगी। यह देख उसने मुझे लिटाते हुए मेरी टांगें चौड़ी करवा दी और बीच में बैठ अपना लौड़ा चूत पे टिका दिया।
प्लीज़ घुसा दो इसको मेरे अन्दर !
उसने मेरी दोनों बाहें पकड़ ली और मेरे होंठ अपने होंठों में ले लिए और ज़बरदस्त झटका दिया। लौड़ा चूत चीरता हुआ अन्दर घुसने लगा। मैं चिल्लाना चाहती थी लेकिन वो खिलाड़ी था इस खेल का ! उसने पूरी मर्दानगी सीख रखी थी, पूरा घुसा कर उसने पूरा निकाल दिया, फिर से डाला, फिर निकाला ! मेरे खून से उसका लौड़ा भीगा पड़ा था।
यह देख मैं रोने लगी पर उसने मेरे होंठ नहीं छोड़े। जैसे ही मैं नीचे से चूतड़ उठाने लगी, उसने मेरे होंठ छोड़ दिए। मैंने चैन की सांस ली और उसकी छाती पर मुक्के मारे- अब और करो ! जोर-जोर से करो ! फाड़ डाली मेरी चूत ! लूट ली मेरी सील बंद चूत !
बोला- अच्छा लग रहा है?
मैंने कहा- बहुत अच्छा ! और मारो मेरी !
वो पटक पटक कर मेरी चूत मार रहा था, मैं नीचे से उठ-उठ कर उसे उकसा रही थी- आह !
उसने मुझे कुतिया की तरह घुटनों के बल कर पीछे से मेरी चूत में लौड़ा डाल कुत्ते की तरह चोदने लगा।
वाह ! इतना मजा आता है इस खेल में !
हां ! मजा आ रहा है ना ?
बहुत अच्छा लग रहा है ! फक मी ! फक मी फास्ट, यू रास्कल ! फक माय पसी फास्ट ! यः टेक इट ! अह अह उह उह !
उसने फिर से मुझे नीचे डाल लिया और मेरे ऊपर सवार होता चला गया। पम्प की तरह मेरी चूत चुद रही थी- यह ले साली, कुतिया ! गश्ती ! तू आज से मेरी हुई ! तोड़ डाली सील तेरी फुद्दी की !
हाय, मार मार मेरी लाल कर दे ! चोद हरामी चोद ! हरामी माँ बना दे मुझे ! कुंवारी माँ !
ले ! ले ! करते करते उसने अपना माल मेरे अंदर छोड़ दिया। उसका गरम-गरम माल वो भी इतना निकला कि बाहर गिरने लगा। उसने लौड़ा निकाल मेरे मुँह में डाल दिया, मैंने साफ़ कर दिया। उस पूरे दिन उसने मुझे तीन बार चोदा और मुझे कच्ची कली नहीं रहने दिया। मुझे भी सेक्स का इतना स्वाद आया और अब मौका मिलते हम दोनों चुदाई का मजा लेने लगे।
फिर वो इंग्लैंड में पढ़ने चला गया और मेरी चूत प्यासी रहने लगी।
मेरा अफेयर एक और लड़के के साथ चल निकला और मैंने उसको अपने घर बुलाया, वो बोला- रात को अकेला नहीं आऊंगा ! अपने कज़िन को साथ लाना पड़ेगा, तभी घरवाले रात को बाहर आने देंगे।
मैं मान गई। उसके बाद दो दो लौड़े मिले, उसके बारे में लिखूंगी अगली बार !